सुविधाओं के अभाव में भी है शिक्षा की अच्छी व्यवस्था

वाल्मीकि नगर बिहार के पश्चमी चंपारण जिले का एक प्रमुख शहर है. यह एक विधानसभा क्षेत्र भी है. यहां के कई स्कूलों में शिक्षा का स्तर तो बेहतर लगा परन्तु सुविधाओं का अभाव भी साफ़ नज़र आया. इस क्षेत्र के स्कूलों में ख़ास तौर से पीने के पानी और शौचालय की व्यवस्था की कमी है.

Education-Valmiki Nagar2वाल्मीकि नगर के बाल विद्या केंद्र मध्य विद्यालय इसकी एक मिसाल है. यहां शिक्षा व्यवस्था अच्छी देखने को मिली. शिक्षक समय से स्कूल आते हैं. बच्चों को जिम्मेवारी के साथ पढ़ाते हैं. मिड डे मील की सुविधा ठीक है. स्कूल के अन्दर साफ़ सफाई भी रखी जाआती है. इसके बावजूद यहां कुछ चीजें ऐसी देखने को मिल जाएंगी जो यह बताने के लिए काफी है कि यदि सरकार की तरफ से इस पर ध्यान दिया गया होता तो स्थिति इतनी ख़राब नहीं होती.

इस स्कूल के प्रधान अध्यापक इन्द्रासन बैठा ने बताया: “हमारे स्कूल में कुल 696 क्षात्र एवं क्षात्राएं हैं. उन्हें पढ़ाने के लिए 10  शिक्षक स्कूल में कार्यरत हैं. किन्तु स्कूल में बहुत सी सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों को पढ़ाने में काफी दिक्कतें आती हैं. उदहारण के तौर पर आप कंप्यूटर ही को ले लिजिए. हमारे स्कूल में केवल दो कंप्यूटर हैं जो काफी पुराने मॉडल के हैं और पिछले चार साल से ख़राब पड़े हैं. उन्हें बदलने के लिए कई बार आवेदन भी किए गए किन्तु अभी तक प्रशासन की तरफ से कुछ नहीं किया गया.”

Education-Valmiki Nagar1उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा: “स्कूल में सरकारी बिजली नहीं मिलती जिससे काफी परेशानी उठानी पड़ती है. बिजली के लिए दो बार अर्जी भी दी गई किन्तु अभी तक कुछ नहीं हुआ.”

स्कूल के शिक्षकों और बच्चों की एक बड़ी परेशानी यह है कि यहां पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है. इसके आलावा न तो नल के पानी की निकासी का कोई इंतज़ाम है और ना ही स्कूल की अपनी बाउंड्री है जिससे आस पास में बहुत गंदगी रहती है.

स्कूल के आगे खाली ज़मीन को लोग कूड़ादान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते और दूसरी तरफ यह जानवरों के चरने की भी जगह बन गई है. इन सब कारणों से स्कूल के माहौल पर ख़राब असर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों, प्रशासन और सरकार की कोशिशों के बिना इन समस्याओं से छुटकारा पाना मुश्किल है. इसलिए एक अच्छे स्कूल और वहां की शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए.

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