सिंचाई सुविधा की कमी से परेशान हैं डुमराव के किसान

डुमराव विधानसभा क्षेत्र पटना प्रमंडल के बक्सर जिले में पड़ता है. इस क्षेत्र की अधिकतर आबादी खेती बाड़ी के कामों से जुड़ी है. इससे डुमराव विधानसभा क्षेत्र में कृषि के महत्व को समझा जा सकता है. लेकिन आम जन के लिए जीने मरने का कारण बनने वाली कृषि की तरफ से सरकार न जाने कब से आंखें मोड़े हुए है.

agriculture - dumrao1क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जाने से पता चलता है कि जिस कृषि के कामों में अधिकतर लोग व्यस्त रहते हैं, उसके विकास के लिए सरकारी स्तर पर अब तक कुछ किया ही नहीं गया है. किसानों की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि उन्हें विकास की योजनाओं में कहीं पर रखा ही नहीं जाता है. यही कारण है कि यदि कहीं पर आधारभूत सुविधा की कोई पहल होती है तो वह भी आधी अधूरी रह जाती है. इसका एक उदहारण इस क्षेत्र में बनाई गई नहरें हैं. कहने को तो इनका निर्माण सिंचाई के लिए हुआ था लेकिन इन नहरों में पानी बहुत कम रहता है.

इस बारे में चौगाई गाँव के निवासी जयनाथ सिंह कहते हैं कि कभी कभी ही पानी इन नहरों में आता है. वहीं फफदर गाँव के निवासी अविनाश सिंह का कहना है कि केसठ से जुड़ने वाली नहर में तो पिछले कई सालों से पानी नहीं आया है. नहर होने की वजह से नलकूप गाड़ा नहीं जाता है. ऐसे में सिंचाई की सरकारी व्यवस्था खानापूर्ति के अलावा और किसी काम की नज़र नहीं आती. सरैया निवासी सुरेश सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या सिंचाई की समस्या है. किसान पम्पिंग सेट से खेतों की सिंचाई करते हैं उसके बावजूद उन्हें सही समय पर सरकार के तरफ से डीजल अनुदान की राशि नहीं मिलती है. इसी के साथ राज्य सरकार खाद और बीज की आपूर्ति में भी फिसिड्डी साबित हो रही है. जहां तक बिजली की बात है तो वह नेताओं के भाषणों के साथ वादा बन कर आती है और उन्हीं के साथ हवा बन कर चली जाती है. लोगों को पता भी नहीं चलता बिजली कब आई और कब गई.

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