संभावनाओं के बावजूद खाली है उद्योग धंधों से जगदीशपुर

जगदीशपुर एक ग्रामीण पृष्ठभूमि का विधानसभा क्षेत्र है. पटना प्रमंडल के तहत भोजपुर जिले में पड़ने वाला यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से 31 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है.

यहां की आर्थिक व्यवस्था कृषि पर आधारित है. उद्योग के नाम पर जगदीशपुर में राइस मिल, आयल मिल आदि ही हैं. यहां कृषि आधारित दूसरे उद्योगों की अच्छी संभावना होने के बावजूद इसके लिए सरकार की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया गया.

एक बड़ी दिक्कत यह भी है कि किसानों से जो धान खरीदा जाता है, उसका भुगतान समय पर नहीं होता है. इस क्षेत्र के निवासी हरिचरण सिंह यादव ने कहा: “सरकार जो किसानों से धान खरीदती है, उसकी राशि पाने के लिए किसानों को बड़ी मशक्क़त उठानी पड़ती है.”

कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा देने में नाकाम रही राज्य सरकार ने गृह और कुटीर उद्योगों के विकास के प्रति तो और भी आपराधिक लापरवाही बरती है. इस क्षेत्र में दो–चार बैंकों की शाखाएं जरुर हैं परंतु क्षेत्र के कारोबारियों को अपना उद्योग-धंधा बढ़ाने के लिए उनसे बहुत अधिक मदद नहीं मिलती. याद रहे कि राज्य सरकार की ऋण नीति के मुताबिक़ बैंकों को सरकार द्वारा जमा की गई राशि का कम से कम 33 प्रतिशत हिस्सा नागरिकों को ऋण के तौर पर उपलब्ध कराने में खर्च होना चाहिए परंतु बहुत से बैंक इस पर अमल नहीं करते. जगदीशपुर में जिन बैंकों की शाखाएं हैं उनकी भी कमोबेश यही स्थिति है.

कृषि क्षेत्र होने के कारण यहां खाद्य प्रोसेसिंग एवं रासायनिक खाद के उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं. लेकिन इसके लिए सरकार की तरफ से प्रोत्साहन ज़रूरी है जो राज्य की सरकार अब तक नहीं दे पाई है.

उल्लेखनीय है कि जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में कोचस पॉवर प्राइवेट लिमिटेड के राइस मिल व पॉवर प्लांट, आर्यदीप सिल्की राइस मिल प्राइवेट लिमिटेड के राइस मिल और जे. के. एम. बेवरेजेज लिमिटेड के बियर प्लांट लगाने के प्रस्ताव को राज्य सरकार की आज तक स्वीकृति नहीं मिली है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि ये कंपनियां इस क्षेत्र में स्थापित हो जातीं तो यहां के युवाओं को रोज़ी रोज़गार के लिए बड़ी संख्या में पलायन नहीं करना पड़ता.

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