बिजली कनेक्शन के बाद भी गाँव में रहता है अंधेरा

वैशाली जिला के मानिकपुर गाँव में आज घरों में बिजली कनेक्शन होते हुए भी लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. यह गाँव राष्ट्रीय राजमार्ग 102 के किनारे स्थित है. इसके लगभग सभी घरों  में बिजली कनेक्शन तो है पर वोल्टेज बहुत ही कम रहता है जिससे बिजली रहने और न रहने से कोई फर्क नहीं पड़ता है.

मानिकपुर गाँव के स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने कहा: “इस गाँव में बिजली पिछले साल यानि वर्ष 2014 में आई. वह भी इसलिए कि यहां पेट्रोल पंप बना. इसके सौजन्य से आसपास के क्षेत्रों तक बिजली पहुंची है, किन्तु वोल्टेज की समस्या इतनी अधिक है कि हम बिजली का उपयोग कर ही नहीं पाते. वहीं पेट्रोल पंप पर वोल्टेज की समस्या नहीं रहती है. पेट्रोल पंप के लिए अलग से ट्रांसफार्मर दिया गया है, लेकिन गाँव के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. मानिकपुर के नज़दीक रामपुर फगुआ गाँव में पांच साल पहले बिजली पहुंची और वहां कम वोल्टेज की समस्या भी नहीं रहती है.”

बिजली की समस्या के बारे में मानिकपुर के एक वृद्ध राम किशुन राय कहते हैं:“बिजली विभाग वाले घूस लेकर काम करते हैं. हमारे यहां अगर बिजली का तार टूट जाता है, या कुछ दिक्कत आती है तो बिजली विभाग के कर्मी उसको ठीक करने के लिए पहले पैसे की मांग करते हैं और पैसा मिलने के बाद ही मरम्मत का काम करते हैं.” उनका यह भी कहना था: “हम बिजली बिल भी समय पर जमा करते हैं, तब भी प्रशासन हमारी बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं करता है.”

मानिकपुर के स्थानीय निवासीयों की यह भी शिकायत है कि यहां बिजली के तार बार बार टूट कर गिरते रहते हैं. इसकी शिकायत बिजली दफ्तर में कई बार की गई पर कोई इसकी खोज खबर लेने के लिए नहीं आया. उन्होंने बताया कि तार गिरने के कारण कई बार लोगों को बिजली के झटके भी लगे और कई एक तो मौत का शिकार तक हो गए. इसके बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी.

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