उद्योग-धंधों की राह देख रहा है सरायरंजन

सरायरंजन विधानसभ क्षेत्र उद्योग के नाम पर शून्य है. यहां कोई विशेष उद्योग स्थापित नहीं हुआ है. हालांकि कृषि प्रधान क्षेत्र होने की वजह से यहां गृह एवं कुटीर उद्योगों की प्रबल संभावनाएं हैं किन्तु किसी सरकार ने इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया.

जहां तक निजी कारोबार की बात हाई तो इसके नाम पर कुछ ईंट भट्ठे जरुर दिखाई देते हैं. इस क्षेत्र के लोगों को रोजी – रोजगार के लिए या तो दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर रहना पड़ता है या परदेस पलायन करने को मजबूर होते हैं.

सरकार की तरफ से यहां की जनता को गृह, कुटीर या लघु उद्योगों के लिए न तो प्रशिक्षित किया जाता है और न ही प्रोत्साहित. यदि सरकार चाहे तो क्षेत्र में कुक्कुट पालन, मछली पालन, फूल उत्पादन, नर्सरी स्थापन आदि के लिए इस क्षेत्र के लोगों को आर्थिक मदद देकर कुछ हद तक बरोजगारी को दूर कर सकती है. किन्तु सरायरंजन विधानभा क्षेत्र में उद्योगों की सरकारी योजना और कार्यक्रम बस कागजी बन कर रह गए हैं.

याद रहे कि दरभंगा प्रमंडल के तहत समस्तीपुर जिले में पड़ने वाले सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र पर सत्तारूढ़ दल जदयू का कब्ज़ा है. यहां से जो विधायक 2010 के विधानसभा चुनाव में निर्वाचित हुए, उन्हें नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री भी बनने का अवसर मिला. इसके बावजूद क्षेत्र की यह स्थिति है.

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