रोज़गार के साधन से वंचित है तरारी

तरारी विधानसभा क्षेत्र पटना प्रमंडल के भोजपुर जिला का एक सुदूर कृषि प्रधान क्षेत्र है. यहां की मुख्य फसल धान है. क्षेत्र का भ्रमण करने पर ज्ञात होता है कि यहां राइस मिल के अलावे अन्य उद्योग धंधे का कोई उपक्रम स्थापित नहीं है. राइस मिल एक सीजनल लघु उद्योग है जो वर्ष के सिर्फ तीन महीने ही चलते हैं. क्षेत्र के एक नागरिक बलिराम तिवारी ने बताया कि राइस मिल से चावल और धान सरकार खरीदती तो जरुर है, किन्तु उनका भुगतान समय पर नहीं होता है. उन्होंने कहा कि अपना धान और चावल सरकार को बेचने के बाद उसके भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ता है.

बलिराम तिवारी ने कहा कि क्षेत्र के गरीबी को दूर करने के लिए राज्य सरकार कोई कोशिश नहीं की. यहां न तो कोई उद्योग धंधे स्थापित किए गए और न ही इसकी पहल की गई जबकि इस क्षेत्र में कृषि आधारित लघु, कुटीर और गृह उद्योग की प्रबल संभावना है. क्षेत्र की गरीब जनता के लिए दिहाड़ी मजदूरी के सिवा रोजी – रोजगार कोई व्यवस्था नहीं है.

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