महात्मा की 150वीं जयंती पर देश व्यापी बा-बापू यात्रा -एक परिचय

रमेश शर्मा*

बा बापू 150 का विचार लम्बे समय से चिंतन, मनन, सोच में लगातार चलता रहा, गांधी 150 की चर्चा भी अनेक साथियों से सुनने को मिलती रही। अपना मन दोनों के नाम से ही जुड़ा रहा कि 150वीं जयंती मनाने के लिए बा बापू दोनों का ही नाम रखा जाए। दोनों का जीवन, योगदान, महत्व, प्रेरणा, कार्यशैली, समर्पण, सोच, दृष्टि, त्याग, सेवा, संदेश अद्भुत रहा है, साथ ही आज की स्थिति, वातावरण, दशा, दिशा को देखते हुए भी, यह आवश्यक लगता है।

किशोर किशोरी समागम गांव कोन्हवा, चंपारण सभा, नाटक, खेल-कूद, चित्र कला में शामिल छात्र-छात्रा एवं क्षेत्रीय लोगों की भागीदारी

कस्तूरबा ने जिन्दगी भर गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, कष्ट झेले, साथ निभाया, आंदोलनों में सक्रिय रही, कई बार जेल गई, एक दूसरे से सीखा सिखाया, हर कदम पर साथ रहे, मतभेद होते हुए भी मनभेद नहीं हुआ। इतिहास में ऐसी अद्भुत, सक्रिय, मानव सेवा के लिए समर्पित जोड़ी ढूंढने पर भी मिलना कठिन है। बापू ने स्वयं बा के योगदान के बारे में चर्चा की है। बा का देहांत पूणें में आगाखां पैलेस जेल में ही हुआ, इसी स्थान पर बापू ने दो वर्ष पूर्व अपने परम सहयोगी महादेव भाई देसाई को खोया। बापू के अति निकट के दो लोगों का बिछोह आगाखां पैलेस में हुआ। बा के योगदान को देखते हुए बापू ने स्वयं कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट की स्थापना की, जिसका मुख्यालय कस्तूरबाग्राम, इन्दौर में है तथा देश भर में जिसकी शाखाएं, केन्द्र, कार्यकर्ता है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए यह ट्रस्ट काम कर रहा है। ऐसे में बा के योगदान को कैसे भुलाया जा सकता है।

यह भी देखें: https://youtu.be/43jmOiF-hLA

मन में यह बात लगातार घर करती जा रही थी कि आज महिलाओं की दशा और दिशा दोनों को देखते हुए भी 150वीं जयंती में कस्तूरबा गांधी का नाम अवश्य आना चाहिए। इन सब बातों को गौर करते हुए मन बनता जा रहा था कि और लोग नहीं भी मानें, अपन तो बा बापू दोनों के नाम से ही 150वीं जयंती समारोह का कार्यक्रम करेंगे। इस विचार को प्यारी आशी ने और पुष्ट कर दिया। इन्हीं दिनों मैं आशी को राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय एवं गांधी दर्शन में “मेरा जीवन ही मेरा संदेश है” दिखाने ले गया। दोनों स्थान उसे बहुत पसंद आए, देखते समय उसने कुछ सवाल किए जिसमें एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी था कि इसमें बा के फोटो बहुत कम क्यों है? गांधी जी के ही सारे फोटो है। मैं उसे उस भाग में वापसी ले गया जहां कस्तूरबा जी के अंतिम दिन के चित्र लगे हैं। इसके बावजूद भी उसने कहा कि यह तो बहुत कम है।इस बाल मन की बात ने मुझे और अधिक मजबूती प्रदान की और तय कर लिया कि कस्तूरबा और महात्मा गांधी दोनों के नाम से ही काम करना है। अपन को बा बापू 150 का नाम ही ज्यादा अच्छा, सुंदर, उपयोगी, सार्थक, प्यारा लगा।

यह 2016 की बात है, और प्रयोग के तौर पर हमने दिल्ली एवं इसके आसपास के क्षेत्र में बा बापू 150 के नाम से अपने स्तर पर कार्यक्रम करने शुरू कर दिए। लक्ष्मी पब्लिक स्कूल, सोनिया विहार, विवेकानंद पब्लिक स्कूल, ज्योति नगर, भास्कराचार्य काॅलेज आॅफ एलाईड सांइसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, राजकीय प्राथमिक पाठशाला, आदर्श इंटर कॉलेज, डौला, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, नौयडा, सांई महाविद्यालय, फतेहपुर पूठी, बडौत, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, दादरी, एम एफ डी एकेडमी, इंदिरापुरम, उत्तर प्रदेश, बालाजी काॅलेज आॅफ एजूकेशन, बल्लभगढ़, सक्रिय केन्द्र, खोरी, मढाणा, नारनौल, दीदी निर्मला देशपांडे संस्थान, पानीपत, हरियाणा, कस्तूरबा गांधी महिला उत्थान मंडल, लक्ष्मी आश्रम, कौसानी, अल्मोड़ा, उत्तराखंड, तरुण भारत संघ, भीकमपुरा किशोरी, अलवर, सक्रिय केन्द्र, चुरु, राजस्थान, नेचर लाईफ इंटरनेशनल केन्द्र, एर्नाकुलम, कोचीन, केरल, सर्वोदय संवेदना ट्रस्ट, वीरमपुर, पालनपुर, गुजरात आदि में भी बा बापू 150 प्रदर्शनी / कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही अनेक किशोर एवं युवा शिविरों में भागीदारी का शानदार मौका मिला।

बा – कस्तूर, कस्तूरबा गांधी और बापू – मोनिया, मोहनदास करमचंद गांधी, महात्मा गांधी का जीवन जल जैसा निर्मल, निश्छल, जीवनदायी, प्रेरक, बहता पानी निर्मला जैसा रहा है। जल है तो जीवन है, जल है तो कल है, जल जीवन का आधार है, की तरह ही बा बापू का जीवन भी ऐसा ही रहा है। इसे ध्यान में रखकर सोचा कि बा बापू 150 का कार्यक्रम, अभियान को जल साक्षरता से भी जोड़ा जाए।

इसी मध्य एक दिन जलपुरुष भाई राजेंद्र सिंह से मुलाकात के दौरान इस संबंध में बातचीत हुई तो उनका सुझाव रहा कि बा बापू 150 के निमित्त आप अपने कार्य क्षेत्र डौला, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जल साक्षरता यात्रा शुरू करें, मैं भी साथ रहूंगा और 2016 में ही यह कार्यक्रम बना, जिसमें डॉ कृष्णपाल सिंह, हैड मास्टर महेंद्र सिंह, भाई संजय राणा, श्री अरुण मलिक आदि साथियों के सहयोग से लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।

बा बापू 150 के जल अभियान, कार्यक्रम का शुभारंभ क्या हुआ, एक के बाद एक कार्यक्रम की श्रृंखलाबद्ध शानदार झडी लग गई।

भाई ए अन्नामलई, निदेशक, राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय ने बा बापू की एक सुंदर प्रदर्शनी प्रदान कर अद्भुत सहयोग किया, जिससे जन जन तक पहुंचने का एक और रास्ता खुल गया।

“मैं अकेला ही चला था जानबे मंजिल मगर लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया,” चरितार्थ होता जा रहा है।

“जब ओखली में सिर रख दिया तो मूसल से क्या डरना” अब कदम बढ़ गए थे इस राह पर और कदम दर कदम मंजिल का विस्तार अभी भी होता ही जा रहा है। अब तो विशेष आनन्द, सुख की अनुभूति होती है, ज्यों ज्यों कार्यक्रम आगे बढता जाता है, उत्साह होता है, प्रेरणा,उर्जा, शक्ति मिलती है, कुछ और कर गुजरने का जज्बा पैदा होता जाता है।

इन कार्यक्रमों की सफलता ने उत्साह, विश्वास, आस्था को और अधिक मजबूती प्रदान की। देश भर के साथियों को संदेश, संवाद भेजें, बहुत कम लोगों ने उत्तर दिया, मात्र गिने चुने साथियों के ही जवाब मिले, कुछ ने अच्छा कहा, कुछ ने सहयोग, साथ के लिए कदम बढ़ाए। गुजरात के हसमुख भाई पटेल, गोवा के कुमार कलानंद मणि, केरल के डाॅ जैकब वडक्कनचेरी और दिल्ली से रमेश चंद शर्मा ने गांधी जी द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद में मिलकर बातचीत करके कुछ कार्ययोजना तैयार की। यात्रा करने के बारे में भी तय किया गया। जिसके अन्तर्गत महात्मा मंडपम्, कन्याकुमारी, तमिलनाडु से पीसफुल सोसायटी, गोवा तक, 19 से 30 अप्रैल, 2017 यात्रा का आयोजन किया गया,
जिसकी रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई है।

एक और यात्रा गांधी चौक, सावंतवाडी, महाराष्ट्र से साबरमती आश्रम, अहमदाबाद, गुजरात तक 2 से 11 अक्तूबर, 2017 गांधी जयंती से जेपी जयंती तक हुई। आयोजन- नेचर लाईफ इंटरनेशनल, केरल, पीसफुल सोसायटी, गोवा, संवेदना ट्रस्ट, वीरमपुर, गुजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद, गुजरात, गांधी युवा बिरादरी, दिल्ली।

इस तरह कार्ययोजना बढ़ती गई। नए नए साथी जुड़ते गए और कारवां बढ़ता जा रहा है। अभी तक अनेक यात्रा हो चुकी है जिनमें कुछ इस प्रकार है–

बा बापू 150 के निमित जल साक्षरता यात्रा
राजघाट, दिल्ली से विजयपुर (बीजापुर) कर्नाटक से डौला, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 25 सितंबर से 24 अगस्त, 2017,
(छः हजार किलोमीटर की यात्रा)
आयोजन: तरुण भारत संघ, जल बिरादरी, जल जन जोड़ो अभियान, ग्रामीण पर्यावरण एवं विकास संस्था, गांधी युवा बिरादरी
यात्रा दल: रमेश चंद शर्मा, यात्रा नायक डॉ कृष्णपाल सिंह, उप नायक,कुलदीप सिंह, रवि प्रताप सिंह, अनुज कुमार, अशोक चौधरी, प्रेमिला वासवा, रामेन्द्र सिंह, इब्राहिम भाई

इस यात्रा ने निम्न क्षेत्र का दौरा कर संदेश पहुंचाने का प्रयास किया– दिल्ली, बागपत, टटीरी, डौला, गाजियाबाद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुरुग्राम(गुड़गांव), मेवात, हरियाणा, अलवर, जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान, दाहोद, गोधरा, पंचमहल, छोटा उदेपुर, रंगपुर, क्वांट, वडोदरा, सूरत, वेडछी, दांडी, बारडोली, तापी, नवसारी, बलसाड, धर्मपुर, गुजरात, मुंबई, पूणें, सोलापुर, सांगली, अहमदनगर, इंदापुर, महाराष्ट्र, विजयपुर (बीजापुर) कर्नाटक, नांदेड़, यवतमाल, वर्धा, सेवाग्राम, गांधी विचार परिषद, गोपुरी, पवनार, नागपुर, महाराष्ट्र, होशंगाबाद, भोपाल, मध्य प्रदेश, ललितपुर, झांसी, औरक्षा, उत्तर प्रदेश, ग्वालियर, मुरैना, मध्य प्रदेश, धौलपुर, राजस्थान, आगरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश पलवल, फरीदाबाद, हरियाणा, दिल्ली, डौला पश्चिमी उत्तर प्रदेश।

विशेष: गुजरात- महाराष्ट्र आदिवासी- किसान सम्मेलन, भारत छोड़ो आंदोलन, 9 अगस्त, 2017 के अवसर पर तलासरी में आयोजित, (गुजरात-महाराष्ट्र सीमा पर लगभग एक लाख लोगों की भागीदारी) महाराष्ट्र, बीजापुर जल सम्मेलन, बीएलडीई (BLDE) विश्वविद्यालय, विजयपुर, कर्नाटक, भाषा रिसर्च सेंटर, आदिवासी एकेडमी, लीम खेड़ा, तेजगढ़ी, दांडी, स्वराज आश्रम, वेडछी, गुजरात, कस्तूरबा एवं महादेव भाई देसाई की समाधि, आगाखां पैलेस, पूणें, सेवाग्राम आश्रम, विनोबा भावे आश्रम, पवनार, गांधी विचार परिषद, गोपुरी,वर्धा, महाराष्ट्र, मेवात रेडियो से साक्षात्कार प्रसारित, एकता परिषद, परमार्थ समाज सेवी संस्थान, तरुण भारत संघ, जल संसाधनों की जानकारी, दर्शन, समझ का मौका,
जल पुरुष राजेंद्र सिंह, डॉ उल्हास जाजू, अनिल फरसोले, संजय सिंह, रणसिंह परमार, अनीश भाई, सत्या भाई, प्रो. विक्रम सोनी, नरेंद्र चुग, बापू राजेंद्र मदने, अन्नामलई, आशा बोथरा, प्रो. राजेंद्र पौदार, रतन भगत, सागर रैबारी, जीवेश भाई, डॉ मौहम्मद नईम, आर सी गुप्ता, दिनकर चौधरी, नीलेश हेड़ा, दीपक पर्वतियार, नारायण राठवा, अमर सिंह चौधरी, जनरल ए के सिंह।

मेरठ यात्रा
आई आई एम टी विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश,
28-29 नवम्बर, 2017,

बा बापू 150 प्रदर्शनी,
उद्घाटन- डॉ अशोक कुमार, कुलपति, आई आई एम टी विश्वविद्यालय, मेरठ
आयोजन- श्री सुबोधनंदन शर्मा, अलीगढ़, गांधी युवा बिरादरी।

विशेष- काली पलटन क्षेत्र 1857 क्रांति की यादगार बुंदेलखंड यात्रा महोबा से घाटमपुर, कानपुर से महोबा,
11 से 15 दिसम्बर, 2017,
आयोजन: भाई अरविंद कुशवाहा, गांधी युवा बिरादरी, दिल्ली।
यात्रा दल: रमेश चंद शर्मा, अरविंद कुशवाहा, शिव विजय सिंह, मंयक कुशवाहा।
क्षेत्र: कबरई, बबरई, कोटरा मकरंदपुर, कुल पहाड़, विजय सागर पक्षी विहार आदि।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महोबा, चौधरी सुंदर सिंह इंटर कॉलेज, बरबई, रोशन सिंह बदन सिंह गायत्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कबरई, जनतंत्र विद्यालय, कुल पहाड़, ज्ञान भारती विद्यापीठ, कबरई, बद्री सिंह इंटर कॉलेज, कबरई,आदर्श कालिंदी विद्यालय, कोटरा मकरंदपुर, घाटमपुर, कानपुर ।

बिहार यात्रा बल्लभगढ़, हरियाणा से सीवान, बिहार से बल्लभगढ़, हरियाणा,20 से 28 दिसम्बर, 2017,
आयोजन: बालाजी शिक्षण संस्थान, गांधी युवा बिरादरी।
यात्रा दल: रमेश चंद शर्मा, शिक्षाविद् जगदीश चौधरी, बैजनाथ मुखियाजी, मास्टर ज्योतिरादित्य चौधरी
विशेष: बा बापू 150 प्रदर्शनी, पौधारोपण, कौमी एकता के प्रतीक, स्वतंत्रता सेनानी, गांधी जी के साथी मौलाना मजहरुल हक जंयती कार्यक्रम के अन्तर्गत उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अखिल भारतीय गोष्ठी की अध्यक्षता: प्रो. हरिकेश सिंह, कुलपति, जे पी विश्वविद्यालय, छपरा,
मुख्यातिथि: प्रो. एस एन मालाकार, जे एन यू, विशिष्ठ अतिथि:
श्री रमेश चंद शर्मा, बा बापू 150,
श्री जगदीश चौधरी, युवा शिक्षाविद्,
प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव, विधान पार्षद,
प्रो. लाल बाबू यादव, जे पी वि. वि. छपरा,
प्रो. हारुन शैलेन्द्र, जेड ए इस्लामिया कालेज के साथ अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखें।
स्वागताध्यक्ष: मा. अवध बिहारी चौधरी, पूर्व काबिना मंत्री, बिहार
इस अवसर पर रात्रि में कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कवि एवं शायरों ने भाग लिया। कार्यक्रम दारोगा प्रसाद राय डिग्री महाविद्यालय, सीवान में आयोजित हुआ। सीवान प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना मजहरुल हक, प्रभावती दीदी की जन्म स्थली रही है।
रेवाड़ी, हरियाणा से चुरु, राजस्थान,
11 से 14 जनवरी, 2018
युवा दिवस यात्रा,
कार्यक्रम: रेवाड़ी, हरियाणा, चुरु, राजस्थान
आयोजन: श्री सुंदर लाल, सक्रिय केन्द्र,
गांधी युवा बिरादरी
यात्री: रमेश चंद शर्मा, बा बापू 150,
सुंदर लाल, सक्रिय केन्द्र,
विशेष: प्रदर्शनी, युवा शिविर, गोष्ठी

राजस्थान यात्रा 1-
जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, 11 से 15 फरवरी, 2018
आयोजन- गांधी विचार युवा वाहिनी, जोधपुर, राष्ट्रीय युवा योजना, दिल्ली।
प्रारंभ- गांधी मूर्ति जोधपुर से डाॅ एस एन सुब्बाराव (भाईजी) एवं श्री त्रिलोक चंद गोलछा ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई, सर्व धर्म प्रार्थना एवं बा बापू प्रदर्शनी के आयोजन के साथ यात्रा हुई।
समापन- ग्राविस, जोधपुर।
संरक्षक- श्रीमती शशि त्यागी, ग्राविस, जोधपुर।
यात्रा दल – यात्रा नायक, रमेश चंद शर्मा, गांधी युवा बिरादरी, दिल्ली।
उपनायक, संजय राय, राष्ट्रीय युवा योजना, दिल्ली।
विशाल जैन, उप्र, गौत्तम खण्डपा, अशोक चौधरी, कमल पुंगलिया, फुसराज छलानी, राजेंद्र कुमार, भूराराम देवासी, बेगी बहन, महेंद्र सिंह, भैरुसिंह, अम्बाराम देवासी (राज.) इन्दिरा उद्याना, पार्वती अम्मा (बाली, इंडोनेशिया)

मध्य प्रदेश यात्रा-दिल्ली से कटनी, सागर, मप्र
15 से 19 मई, 2018,
आयोजन: श्री रघु ठाकुर, लोक अभियान, गांधी युवा बिरादरी
यात्रा दल: रमेश चंद शर्मा, रघु ठाकुर
प्रदर्शनी, आम सभा, चर्चा
विशेष- महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी।
प्रो. आर पी तिवारी, कुलपति, डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, श्री शिवशंकर केसरी, स्वतंत्रता सेनानी का कार्यक्रम में शामिल होना। प्रो. बद्री प्रसाद का प्रबंधन, आयोजन।

पंजाब यात्रा 1
शहीद भगतसिंह समाधि, हुसैनीवाला, फिरोजपुर (शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, बी के दत्त, पंजाब राजमाता विद्यादेवी की समाधि हुसैनीवाला, पंजाब) से अबोहर
29 जून से 7 जुलाई, 2018
आयोजन: दक्षिण एशिया बिरादरी, गांधी युवा बिरादरी
हुसैनीवाला, फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो मंडी, मुक्तसर, अबोहर
सहयोगी- सत्यपाल, गुरुचरण सिंह, गुरमेल सिंह, दविन्दर कुमार नीटू, संदीप अरोड़ा, सविंदर सिंह ठाकुर, अजय शर्मा, कुलभूषण हितैषी, लज्जा राम,
वाहन- रेल, कार, स्कूटर, मोटर साईकिल, स्कूटी, बस, टेम्पो, साईकिल

राजस्थान यात्रा 2-
बीकानेर से जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र की यात्रा
24 जुलाई से 4 अगस्त, 2018
यात्रा दल: रमेश चंद शर्मा, राधा भटृ दीदी, शशि बहन त्यागी, संजय कुमार राय, रोशन लाल, भूराराम देवासी, अम्बाराम देवासी,
आयोजन: शशि त्यागी, ग्राविस, फुसराज छलानी, जिला सर्वोदय मंडल बीकानेर, गांधी विचार युवा वाहिनी, खादी मंदिर, गांधी युवा बिरादरी
कार्यक्रम: भोमिया भवन, भैरुदान छलानी, मगरे का गांधी कृषि फार्म, दियातरा, ग्राविस केन्द्र, बाप, ग्राविस केन्द्र, दूध डेयरी कलरां, दिल्ली पब्लिक स्कूल जोधपुर, श्री गणेश पब्लिक स्कूल, तोलेसर, बालेश्वर (चारण), आकाशवाणी जोधपुर, चर्चा कार्यक्रम, गांधी भवन, गांधी शांति प्रतिष्ठान केन्द्र, ‌श्री पुष्टिकर पुरोहित सूरजलाल रुपादेवी महिला महाविद्यालय, भीलवाड़ा रमेश पारीक निवास, (आशा बोथरा, धर्मेश रुटिया साथ), जेलू गगाडी केन्द्र, पाबूपुरा केन्द्र, राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, भाटियों की ढाणी, घंटीयाली, राजकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, घंटीयाली, राजकीय प्राथमिक उत्कृष्ट विद्यालय, ईमाम नगर, ग्राविस उप केन्द्र, फुलसण्ड, पौधारोपण,

पंजाब यात्रा 2
वाघा बॉर्डर से होशियार पुर, पंजाब
13 से 21 अगस्त, 2018
वाघा बॉर्डर, अमृतसर, मोगा, लाला लाजपतराय जन्म स्थल, ढुडीके, चुहडचक, मोगा, लुधियाना, होशियारपुर, लुधियाना।
आयोजक- सत्यपाल, दक्षिण एशिया बिरादरी, गांधी युवा बिरादरी,
यात्री दल- रमेश चंद शर्मा, सत्यपाल ग्रोवर, डॉ पवन थापर, मणि माला, मंगल सिंह
सहयोगी- डॉ नीरु शर्मा, अमृतसर, बलदेव सिंह खेड़ा, होशियारपुर, डॉ मालती थापर, डॉ पवन थापर, संतराम, मोगा, धर्मपाल ग्रोवर, सतीश सोई, सोहन सोई, लुधियाना, रणवीर सिंह, मोगा, रणधीर सिंह ढिल्लो, नछतर सिंह, चुहडचक,
वाहन- रेल, कार, जीप

बा बापू 150 अभी तक केवल उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, केरल, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पंजाब तक ही बा बापू 150 के माध्यम से सत्य, अहिंसा, सद्भावना, सौह्रार्द, समता, निडरता, सर्वधर्म समभाव, स्वराज, ग्राम स्वराज, ग्रामोद्योग, एकता, पर्यावरण, जल, जंगल, जमीन, जीवन शैली, स्वास्थ्य, विविधता, विकास की अवधारणा आदि का संदेश प्रसारित किया जा सका है।

भेद, भय, भूख, भ्रम, भ्रष्टाचार, कर्ज, हिंसा, नशा, असहिष्णुता, नफरत, दिखावा, द्वेष, शोषण मुक्त भारत बनाने का विचार जन जन तक पहुंचाने की कोशिश जारी है।

बा बापू 150 अभी तक अनेक प्रमुख, प्रसिद्ध, बदलाव के लिए कार्यरत, ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, शिक्षण, रचनात्मक, सामाजिक, धार्मिक महत्व के स्थलों, समूहों, संगठनों को छू पाई है–

राजघाट समाधि, गांधी स्मृति, गांधी बलिदान स्थल, खुदाई खिदमतगार, सबका घर, शांति स्तूप, समन्वय परिवार, विष्णु प्रभाकर स्मारक ट्रस्ट, दक्षिण एशिया बिरादरी, विश्व समन्वय संघ, राष्ट्रीय युवा योजना, हरिजन बस्ती, दिल्ली,

तरुण भारत संघ,भीकमपुरा किशोरी, अलवर, किला चित्तौड़गढ़, दरगाह शरीफ अजमेर, ग्राविस, गांधी भवन, जोधपुर, सक्रिय केन्द्र, चुरु, मगरे का गांधी कार्य क्षेत्र, बीकानेर सर्वोदय मंडल, बीकानेर, रामदेवरा, पोखरण, राजस्थान,महात्मा मंडपम्, हिंद महासागर, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, वाई एम सी ए रुरल सेन्टर, विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी, तमिलनाडु, शांति ग्राम, नेचर लाईफ सेन्टरस्, वेलयानी लेक, अरुवि प्रकृति होटल, चेंगनूर गांधी मूर्ति, संकेतम आश्रम, एल्लेप्पी बीच, मूझीकुलम शाला, जल सत्याग्रह, पालचीमाडा, पालाक्काड, नशा मुक्ति आंदोलन कुटीपाल, ईडीपाल, मालापुरम, एल पी जी प्लांट, भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन, पुदुवाईप, वाईपीन द्वीप, जनआरोग्य प्रस्थानम्, महात्मा मंदिरम्, कन्नूर, सुप्रसिद्ध साहित्यकार सुकुमारन अझीकोड की समाधि, केरल,
स्वरुप आध्यात्मिक केन्द्र, सूरतकुल, टैगोर पार्क, महात्मा गांधी पीस फाउंडेशन, मंगलौर, रोटरी क्लब, कुमटा, बीजापुर जिसे विजयनगर के नाम से जानते है के जल स्रोत, बीएलडीई विश्वविद्यालय, कर्नाटक,पीसफुल सोसायटी, गोवा, पंडित रविशंकर महाराज की समाधि, गुजरात विद्यापीठ द्वारा संचालित ग्रामीण केन्द्र, गुजरात विद्यापीठ, नव गुजरात कालेज, कोचरब आश्रम, साबरमती आश्रम, अहमदाबाद, वेडछी आश्रम, दांडी नमक सत्याग्रह, भीमराड, किम एवं उमरेछी दांडी कूच गांव, स्वराज आश्रम, सुरुचि यंत्र विद्यालय, सरदार वल्लभ भाई पटेल निवास, ऊका विश्वविद्यालय, बारडोली, आदिवासी कल्याण केन्द्र/आश्रम, सर्वोदय संवेदना ट्रस्ट वीरमपुर, गुजरात, प्रथम राष्ट्रपति डाॅ राजेंद्र प्रसाद, प्रभावती दीदी एवं मौलाना मजरुल हक का जन्म स्थल, दरोगा प्रसाद राय महाविद्यालय, सीवान, बालाजी आई आई टी संस्थान, मोतिहारी, चन्देरिया, केसरिया, अरेराज, पूर्वी चंपारण, भितिहरवा, बेतिया, पश्चिमी चंपारण, बिहार, शहीद भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव, बी के दत्त एवं राजमाता पंजाब विद्यावती देवी की समाधि, हुसैनीवाला बाॅर्डर, फिरोजपुर, बाबा फरीद का टीला, फरीदकोट, गुरुद्वारा मुक्तसर, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जन्म स्थल, ढुडीके, मोगा, वाघा बॉर्डर, स्वर्ण मंदिर, जलियांवाला बाग, पंजाब नाट्य शाला, अमृतसर, लाला लाजपतराय भवन अबोहर, पंजाब, सेवाग्राम आश्रम, गांधी विचार परिषद्, वर्धा, बाबा विनोबा भावे परमधाम आश्रम, पवनार, यरवड़ा जेल, कस्तूरबा गांधी एवं महादेव भाई देसाई की समाधि, आगाखां पैलेस, पूणें, गुरुद्वारा नांदेड़ साहिब, विनोबा आश्रम, यवतमाल, सांगली क्षेत्र में हुए जल संरक्षण, संवर्द्धन कार्य, गुजरात एवं महाराष्ट्र के आदिवासी, खेडूतो का साझा सम्मेलन,9 अगस्त,भारत छोड़ो आन्दोलन दिवस पर आयोजित, तलासरी, महाराष्ट्र, अंश समूह, एकता परिषद, गांधी भवन, भोपाल, एकता परिषद केन्द्र, ग्वालियर, महिला संगठन, कटनी, लोक अभियान, सागर, मध्य प्रदेश, जल जन जोडो अभियान, जल बिरादरी, परमार्थ निकेतन, राष्ट्रीय युवा योजना, झांसी का किला, राम मंदिर औरक्षा, ताजमहल आगरा, कृष्ण मंदिर मथुरा, गायत्री परिवार, ग्रामीण विकास एवं पर्यावरण संस्था, इसरो, 1857 की क्रांति का बिगुल फूंकने वाली भूमि, आई आई एम टी विश्वविद्यालय मेरठ, कार्ययोजना क्षेत्र डौला, हिंडन बचाओ अभियान, उत्तर प्रदेश,कस्तूरबा महिला उत्थान मंडल, लक्ष्मी आश्रम, अनासक्ति आश्रम, कौसानी,
उत्तराखंड, सक्रिय केन्द्र, खोरी, बालाजी शिक्षण संस्थान, बल्लभगढ़, मेवात क्षेत्र, हरियाणा, बा बापू 150 यात्रा, प्रदर्शनी, कार्यक्रम में अनेक साथी जुड़े, साथ आए जिनमें कुछ के नाम इस प्रकार है —–
सर्व श्री/ सुश्री- डॉ एस एन सुब्बाराव, राधा भट्ट, सत्यपाल, राजगोपाल पी वी, राजेंद्र सिंह, ए अन्नामलई, कुमार प्रशांत, इन्दु जानी, प्रकाश भाई शाह, गांडा दादा, अमृत भाई, उत्तम भाई परमार, प्रो एम पी मथाई, प्रभाकर फरसोले, अशोक चौधरी, सागर रैबारी, भास्करनजी, स्वतंत्रता सेनानी, शिवशंकर केसरी, स्वतंत्रता सेनानी, त्रिलोक चंद गौलछा, जस्टिस पी के शमसुद्दीन, कात्सु बहन, इन्दिरा उड्यान, इण्डोनेशिया, फैसल खान, अब्दुल भाई, फादर सेवियर, सोटर डिसूजा, रजनीश कुमार, गुरुनाथ केलेकर, प्रो अशोक कुमार, कुलपति, आई आई एम टी विश्वविद्यालय, मेरठ, प्रो हरिकेश सिंह, कुलपति, जे पी विश्वविद्यालय, छपरा, प्रो आर पी तिवारी, कुलपति, डॉ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, प्रो एस एन मालाकार, जेएनयू विश्वविद्यालय, अवध बिहारी चौधरी, पूर्व मंत्री, बिहार, डॉ मालती थापर, पूर्व मंत्री, पंजाब, प्रो बद्री प्रसाद, प्रो हेमंत शाह, सुखदेव, मंदा बेन, भद्रा बेन, विक्रम सवाई, बलवंतसिंह खेड़ा, डॉ पवन थापर, सुबोध नंदन शर्मा, संपादक, डॉ जगदीश चौधरी, शिक्षा विद्, डॉ भरत महोदय, डॉ उल्हास जाजू, अनिल फरसोले, शशि त्यागी, फुसराज छलानी, आशा बोथरा, मणि माला, कुमार कलानंद मणि, हसमुख पटेल, डॉ जैकब वडक्कनचेरी, एम त्यागराजन, विधायक, जाॅन संतोषम्, डी एम, एस जांसी एम ए, पंकज एक्शन, प्रभाकर नायर, पुटू कुलकर्णी, हरीदास, के वी श्रीधरन, शुभू पटवा, रणसिंह परमार, एकता परिषद, कृष्णमूर्ति, एम मुस्तफा, आलोक उल्फत, रंग हिमालय, किरण गोयल, नन्हीं दुनिया, अन्ना तनवीर, कलाकार, नारायण चौपड़ा, महापौर, बीकानेर, विजय दिवाण, हरिहर वाटवे, स्वरुप गोपाडकर, दिनकर चौधरी, कुसुम बहन शाह, अतुल प्रभाकर, राजकुमार शर्मा, आचार्य अभिनव, समन्वय परिवार, अरविंद, संजय सिंह, जल जन जोड़ो अभियान, डॉ कृष्णपाल सिंह, महेंद्र सिंह, हैड मास्टर, इब्राहिम खान, आशी शर्मा, मा. ज्योतिरादित्य चौधरी, अनीश भाई, दिवाकर अंश आदि।

इसके साथ साथ विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, संगठनों, समूहों में चर्चा, भाषण, गोष्ठी, संवाद, सर्वधर्म प्रार्थना, प्रदर्शनी आदि कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जा रहा है।

*रमेश चंद शर्मा, बा बापू 150, गांधी युवा बिरादरी

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