भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ‘अटल इनोवेशन अवार्ड’

मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन की तरफ से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित करने और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक वर्ष एक लाख रुपये देने की घोषणा

नई दिल्ली: एनजीओ मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर गुरुवार को ‘अटल इनोवेशन अवार्ड’ की घोषणा की है। इसका उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित करना और इनोवेशन को बढ़ावा देना है।

प्रख्यात वैज्ञानिक एवं मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. ए.के. अग्रवाल ने इसकी घोषणा दिवंगत पूर्व प्रधान मंडी के जन्मदिन के मौके पर कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के मावलंकर सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में की। उन्होंने बताया कि इस अवार्ड की शुरुआत 2019 से होगी और इनाम के रूप में विजेता को एक लाख की धनराशि भेंट की जाने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, ‘अटल जी की विज्ञान में रुचि थी। इसलिए मदरलैंड इंटरनेशन फाउंडेशन हर साल एक प्रतियोगिता आयोजित कराएगा जिसमें नई खोज करने वाले को पुरुस्कार के रूप में एक लाख की धनराशि दी जाएगी।

वाजपेयी के 94वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विद्याभारती, दिल्ली प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा ‘अटलजी एक सर्वमान्य व्यक्तित्व’ कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अटल जी के व्यक्तित्व से परिचित कराना था। कार्यक्रम में श्री वाजपेयी के काव्य पाठ प्रतियोगिता में विजयी रहे स्कूली बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री दिखाकर की गई। इसके बाद स्कूली बच्चों ने देशभक्ति का संदेश देती एक नाट्य प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख श्री स्वांत रंजन जी ने कहा कि अटल बिहारी जी के रक्त के कण—कण में देशभक्ति थी। आत्मज्ञान, परिश्रम एवं एकाग्रता के बल पर वे प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे जिसे हर विद्यार्थी को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।

वहीं कार्यक्रम के विशेष अतिथि रहे भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी जी ने उसके साथ पाए अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का हर एक क्षण देश को समर्पित था। जोशी जी ने कार्यकर्ताओं में वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कवितायों की कुछ पंक्तियाँ भी सुनाई और बच्चों का मन मोह लिया।

भारतीय संयुक्त राष्ट्र संस्था संघ के महासचिव श्री सुरेश श्रीवास्तव ने भी अटल जी के साथ के अपने अनुभवों को साझा किया और कहा कि उनके व्यक्तित्व उन्हें एक महान नेता बनाता था और यहां तक विपक्षी दलों के नेता भी उनके भाषण के कायल थे।

डॉ अग्रवाल ने कार्यक्रम में आये स्कूली बच्चों को सफल जीवन के चार मूल मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि ‘चेहरे पर मुस्कान’, माता—पिता और अध्यापक का आदर’, ‘राष्ट्र की संपत्ति को अपना समझना’ और ‘रोज़ भगवान की पूजा करना’ अटल जी के जीवन के चार मूल मंत्र थे जिसे अपना छात्र भी उनके जैसा व्यक्तित्व पा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से अटल जी के जीवन को छात्रों के ​पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने और उनके नाम पर सड़क का नाम रखने की मांग भी की।

बता दें कि दिल्ली प्रांत के विद्या भारती से संबंधित सभी विद्यालयों के कक्षा आठवीं से दसवीं और ग्यारहवी से बारहवीं तक के छात्रों के लिए वाजपेयी जी की ‘मेरी इक्यावन कविताएं’ पर 15 दिसम्बर , 2018 को काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में 13 स्कूलों के कुल 18 छात्र—छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस काव्य पाठ प्रतियोगिता में के पहले ग्रुप में जनकपुरी स्कूल की परिचय शर्मा को प्रथम, लाजपत नगर स्कूल के प्रभात को द्वितीय तथा हरिनगर स्कूल की सुहानी को तीसरा पुरस्कार​ मिला। वहीं दूसरे ग्रुप में पंजाबी बाग स्कूल की मोनिका को प्रथम, नेहरु नगर स्कूल की प्रतीक्षा को दूसरा तथा राजौरी गार्डन स्कूल की जान्हवी को तीसरा पुरस्कार मिला।

जागृतबिहार ब्यूरो

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