पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत पर्यावरण भूषण सम्मान से सम्मानित

जागृतबिहार के प्रधान संपादक दीपक पर्वतियार को पर्यावरण प्रहरी सम्मान

नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रगति मैदान के सभागार में आयोजित वर्ल्ड इनवायरमेंट कांफ्रेंस में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं पर्यावरणविद एवम जागृतबोहर के स्तंभकार ज्ञानेन्द्र रावत को प्रख्यात पर्यावरणविद, पद्मविभूषण, मैग्सेसे, गांधी शांति व संयुक्त राष्ट्र् वैश्विक पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित श्री चंडी प्रसाद भट्ट व प्रख्यात समाजसेवी व राष्ट्र्ीय युवा योजना के संस्थापक डा. एस. एन. सुब्बाराव ने ‘पर्यावरण भूषण सम्मान’ से सम्मानित किया। इसके साथ श्री रावत को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। यह सम्मान श्री ज्ञानेन्द्र रावत को बीते दशकों में पर्यावरण संरक्षण हेतु किये गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। इस कांर्फेंस का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय तथा संयुक्त राष्ट्र् पर्यावरण के सहयोग से ग्रीन सोसाइटी आॅफ इंडिया द्वारा किया गया।

गौरतलब है कि श्री रावत बीते तीन दशकों से पर्यावरण संरक्षण कार्यों के साथ-साथ दैनिक समाचार पत्रों, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक पत्र-पत्रिकाओं में अपने लेखों के माध्यम से समाज में पर्यावरण रक्षा हेतु जन जागरण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। पर्यावरणीय मुद्दों पर तथ्यपूर्ण आलेखन आपकी विशिष्ट पहचान है। पर्यावरण पर लिखी आपकी पुस्तकें विश्वविद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए संदर्भ ग्रंथ के रूप में चर्चित हैं एवं शोधार्थियों के दिशा-निर्देशन में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करती हैं। इससे पूर्व श्री रावत को गंगा सेवा सम्मान, जल संरक्षण सम्मान, गंगा नदी संरक्षण सम्मान, विज्ञान लेखन हेतु हिन्दी पत्रकारिता सम्मान, महेश गुप्ता स्मृति सृजन पत्रकारिता सम्मान, पर्यावरण रक्षा सम्मान, ग्रीन इंडिया अवार्ड व पर्यावरण रत्न सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

कांफ्रेंस का उदघाटन प्रख्यात पर्यावरणविद श्री चंडी प्रसाद भट्ट ने किया।

कांफ्रेंस में श्री चंडी प्रसाद भट्ट को राष्ट्र् रत्न, डा. एस. एन. सुब्बाराव को राष्ट्र् भूषण, रुड़की यूनीवर्सिटी के हाइड्र्ोलाॅजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष विज्ञान वेत्ता डा. देवेन्द्र स्वरूप भार्गव, नदी जल विशेषज्ञ व रिवर रिवाइवल के जनक कृष्ण गोपाल व्यास को पर्यावरण रत्न, विज्ञानवेत्ता प्रभुनारायण, पर्यावरण और मीडिया मामलों के जानकार दीपक पर्वतियार, छोटी नदियां बचाओ अभियान के प्रमुख ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, आमी नदी बचाओ आंदोलन के प्रमुख विश्व विजय, यमुना प्रदूषण मामलों के जानकार हरीश उनियाल, उत्तराखण्ड के पूर्व तकनीकी सचिव गौतम अग्रवाल, वल्र्ड वाटर काउंसिल के सदस्य शिक्षाविद डा. जगदीश चैधरी को पर्यायवरण प्रहरी सम्मान,वरिष्ठ पत्रकार पर्यावरण कार्यकर्ता एवं समाजसेवी दीपक शर्मा, आई आई टी दिल्ली के प्रोफेसर के के पंत, कैम्ब्रिज यूनीवर्सिटी के डा. शशि रत्नाकर सिंह, पूर्व निदेशक पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संचिता जिंदल, पूर्व कुलपति प्रो. ओ पी अग्रवाल, डायरेक्टर पवन रेड्डी, एसोसिएट डायरेक्टर अमिय चिंचालकर, रूट स्क्लि की फाउंडर भविषा बुद्धदेव, प्रो. मीनाक्षी धोते, जुजैर कोठारी, एम डी, कन्जर्व कन्सलटैंट, ब्ल्यू एयर एशिया के डायरेक्टर गिरीश वापट को पर्सन आॅफ दि ईयर ग्रीन इंडिया अवार्ड -2019 से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर कर्नल तेजिंदर पाल त्यागी, नदी जल विशेषज्ञ कृष्ण गोपाल व्यास, रूड़की यूनीवर्सिटी के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. देवेव्द्र स्वरूप भार्गव, छोटी नदियां बचाओ अभियान के ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, वल्र्ड वाटर कौंसिल के सदस्य डा. जगदीश सिंह, भूविज्ञानी प्रभु नारायण, पूर्व तकनीकी सचिव उत्तराखण्ड गौतम अग्रवाल, कैम्ब्रिज यूनीवर्सिटी के डा. शशि रत्नाकर सिंह, यमुना बचाओं अभियान के हरीश उनियाल, प्रो. जितेन्दर नागर और ग्रीन सोसाइटी आॅफ इंडिया के प्रमुख स्वदेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पर्यावरणविद ,समाजसेवी, शिक्षाविद व पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय थी।

अपने- अपने क्षेत्र के प्रमुख आमंत्रित वक्ताओं ने धरती पर मंडराते संकट, तापमान में बढ़ोतरी से उपजे वैश्विक संकट, जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, नदी की अविरलता और राष्ट्रीय नदी पुण्य सलिला गंगा के प्रदूषण, पर्यावरण रक्षा और पारिस्थतिकी तंत्र की भयावहता के कारण उपजी समस्याओं के कारण एवं निदान पर व्याख्यान दिए। इस दौरान नदी जल विशेषज्ञ व राजीव गांघी वाटर शेड मिशन के पूर्व सलाहकार कृष्ण गोपाल व्याास की सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘‘ ताकि नदियाॅं बहती रहें’’ का चंडी प्रसाद भट्ट, डा. एस एन सुब्बाराव, सहित उपस्थित विशिष्ठ अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। पुस्तक का अवलोकन करने के उपरांत पुस्तक के बारे में श्री भट्ट व डा. सुब्बाराव ने कहा कि नदियां अविरल कैसे बहैं की दिशा में यह पुस्तक प्रभावी भूमिका निर्वहन करेगी।

अंत में ग्रीन इंडिया सोसाइटी के प्रमुख स्वदेश कुमार, डायरेक्टर विश्वप्रिय मुखर्जी एं एक्सपो व कार्यक्रम निदेशक प्रियंका त्रिपाठी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में पर्यावरण रक्षा के प्रति जागरूकता के प्रचार एवं प्रसार का संकल्प लिया।

-जागृतबिहार ब्यूरो

Share

2 Comments on पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत पर्यावरण भूषण सम्मान से सम्मानित

  1. RAJ KUMAR VERMA // June 8, 2019 at 11:47 am // Reply

    Yes, really this was wonderful session and needs everyone contribution towards this at every level where who can stand up as a team.

    It’s really very serious issue to be taken care without thinking it’s my right and I can afford for waste. Save water and save nature.

  2. कमल लखेड़ा // June 8, 2019 at 2:13 pm // Reply

    ज्ञानेन्द्र रावत जी ने मानव जीवन के समुचित विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।

Leave a comment

Your email address will not be published.


*